12th Class Math All Formulas | गणित के सभी सूत्र | importantque1
kaifसितंबर 01, 20220
गणित के सभी समस्या को हल करने या समझने के लिए उसके सबसे महत्वपूर्ण सूत्र होता है. इसके बिना गणित की कैलकुलेशन लगभग नामुमकिन होती है. सूत्र एक प्रकार की चाबी है जो किसी भी गणितीय प्रश्नो को चुटकियों में हल करने की छमता रखते है. इसलिए, आज हम यहाँ गणित के ही सूत्रों के बारे में जानेंगे | यह सभी सूत्र आप PDF में भी Download क्र सकते हो |
यदि आप सभी इन सूत्रों को याद कर लेते है तो आपको इनके साथ प्रैक्टिस करने में आसानी होगी, फिर आप किसी भी प्रश्न को हल कर सकते है. यहाँ आपको मील रहा है Class 12 Maths के सभी सूत्र. जिसे आप PDF में भी Download कर सकते है.
यहाँ कुछ ट्रिक्स भी बताया गया है जिसमें से कुछ ही फार्मूला को याद कर Maths Questions को सरलता से हल कर सकते है. कक्षा 12 के गणित के सभी आद्याय के सूत्र का अध्ययन नियमानुसार करेंगे और समझने का प्रयास करेंगे |
Math All Formula for Class 12th Chapter Wise | कक्षा 12 के सभी सूत्र आद्याय के हिसाब से
कक्षा 12 गणित सूत्र को NCERT के आद्याय के अनुसार सूचीबद्ध किया गया है. जिसमे सभी सूत्र उपलब्ध है. इसके साथ ही साथ सूत्र का PDF भी यहाँ उपलब्ध है जिसे आप डाउनलोड कर ऑफलाइन तैयारी कर सकते है. सभी सूत्र का अध्ययन निम्नलिखित प्रकार से कर सकते है.
List of Math Formulas Chapter wise
Chapter 1.
Relations and Functions formula
Chapter 2.
Inverse Trigonometric Functions
Chapter 3.
Matrices
Chapter 4.
Determinants
Chapter 5.
Continuity and Differentiability
Chapter 6.
Applications of Derivatives
Chapter 7.
Integrals
Chapter 8.
Applications of the Integrals
Chapter 9.
Differential Equations
Chapter 10.
Vectors
Chapter 11.
Three dimensional Geometry
Chapter 12.
Linear Programming
Chapter 13.
Probability
कक्षा 12 के सूत्रों का अध्ययन करने से पहले कुछ basic सूत्रों का अध्ययन आवश्यक है. जैसे निचे दिया गया है.
Class 12th Basic Formulas | कक्षा 12 के basic सूत्र।
a2 – b2 = (a – b)(a + b)
(a+b)2 = a2 + 2ab + b2 Or a2 + b2 + 2ab
a2 + b2 = (a – b)2 + 2ab Or (a + b)2 – 2ab
(a – b)2 = a2 – 2ab + b2 Or a2 + b2 – 2ab
(a + b + c)2 = a2 + b2 + c2 + 2ab + 2ac + 2bc
(a – b – c)2 = a2 + b2 + c2 – 2ab – 2ac + 2bc
(a + b)3 = a3 + 3a2b + 3ab2 + b3 ; (a + b)3 = a3 + b3 + 3ab(a + b)
(a – b)3 = a3 – 3a2b + 3ab2 – b3 Or a3 – b3 – 3ab ( a – b)
a3 – b3 = (a – b)(a2 + ab + b2) Or (a – b)3 + 3ab ( a – b ) Or ( a – b ) ( a2 + ab + b2 )
a3 + b3 = (a + b)(a2 – ab + b2) Or (a + b)3 – 3ab ( a + b )
(a + b)3 = a3 + 3a2b + 3ab2 + b3 Or a3 + b3 + 3 ab ( a + B )
(a – b)3 = a3 – 3a2b + 3ab2 – b3 Or a3 – b3 – 3 ab ( a – B )
(a + b)4 = a4 + 4a3b + 6a2b2 + 4ab3 + b4)
(a – b)4 = a4 – 4a3b + 6a2b2 – 4ab3 + b4)
a4 – b4 = (a – b)(a + b)(a2 + b2)
a5 – b5 = (a – b)(a4 + a3b + a2b2 + ab3 + b4)
Math Formulas For Class 12th : Relations And Functions.
Definition: यदि A और B ओ अतिरिक्त समुच्चय हो, तो A × B के किसी उपसमुच्चय R को A का B से सम्बन्ध कहते है.
R ⊆ A × B, तो R का A और B में सम्बन्ध होगा.
डोमेन एवं परिसर: यदि R , A समुच्चय से B समुच्चय में एक सम्बन्ध है अर्थात R ⊆ A x B तो डोमेन : R के क्रमित युग्मो के सभी प्रथम अवयवों का समुच्चय डोमेन या Dom (R) कहलाता है, अर्थात डॉम (R) = {x : x ∈ A तथा (x,y) ∈ R }
परिसर : R के क्रमित युग्मों के सभी द्वितीय अवयवों का समुच्चय परिसर या रेंज (R) कहलाता है.
अर्थात परिसर या रेंज (R) = {y : y ∈ B तथा (x , y) ∈ R}
R-1 = {(y,x) : y ∈ B , x ∈ A तथा (x , y) ∈ R }
प्रतिलोम सम्बन्ध R-1 = {(y ,x)∈ N x N : x = y-1 }
यदि xRy का अर्थ है x,y का वर्ग है तो yR-1x का अर्थ y , x वर्गमूल होगा
यदि xRy का अर्थ है x > y है तो yR-1x का अर्थ y < x होगा
यदि xRy का अर्थ x , y का पिता है तो yR-1x का अर्थ y , x का पुत्र हुआ
यह सभी आप PDF में भी Download कर सकते हो |
Inverse Trigonometry Class 12 Formula
फलन (Functions)
प्रांत (Domain)
परिसर (Range)
Sin-1 x
[-1, 1]
[-π / 2, π / 2]
Cos-1x
[-1, 1]
[0, π / 2]
Tan-1 x
R
(-π / 2, π / 2)
Cosec-1 x
R-(-1, 1)
[-π / 2, π / 2]
Sec-1 x
R-(-1, 1)
[0, π] – { π / 2}
Cot-1 x
R
[-π / 2, π / 2] – {0}
sin (sin−1 x) = x, यदि -1 ≤ x ≤ 1 हो.
cos (cos−1 x) = x, यदि -1 ≤ x ≤ 1
tan (tan−1 x) = x, यदि -∞ ≤ x ≤∞
cot (cot−1 x) = x, if – ∞ ≤ x ≤ ∞
sec (sec−1 x) = x, यदि – ∞ ≤ x ≤ -1 और 1 ≤ x ≤ ∞
cosec (cosec−1 x) = x, यदि -∞ ≤ x ≤ -1 और 1 ≤ x ≤ ∞
Sin−1(−x) = −Sin−1(x)
Tan−1(−x) = −Tan−1(x)
Cos−1(−x) = π − Cos−1(x)
Cosec−1(−x) = − Cosec−1(x)
Sec−1(−x) = π − Sec−1(x)
Cot−1(−x) = π − Cot−1(x)
Tan−1(x) + tan−1(y) = tan−1[(x+y)/ (1−xy)]
tan−1(x) – tan−1(y) = tan−1[(x−y)/ (1+xy)]
2tan−1(x) = tan−1[(2x)/ (1–x2)]
Trigonometry से सम्बंधित महत्वपूर्ण फार्मूला
संकेत
0°
30° = π/6
45° = π/4
60° = π/3
90° = π/2
Sin θ
0
½
1/√2
√3/2
1
Cos θ
1
√3/2
1/√2
½
0
Tan θ
0
1/√3
1
√3
अपरिभाषित
Cot θ
अपरिभाषित
√3
1
1/√3
0
Sec θ
1
2/√3
√2
2
अपरिभाषित
Cosec θ
अपरिभाषित
2
√2
2/√3
1
Sin(A+B) = Sin A . Cos B + Cos A . Sin B
Sin(A-B) = Sin A . Cos B − Cos A . Sin B
Cos (A+B) = Cos A . Cos B − Sin A . Sin B
Cos ( A-B ) = Cos A . Cos B + Sin A . Sin B
Tan ( A + B ) = (Tan A + Tan B) / ( 1 − Tan A . Tan B)
Cot ( A + B ) = (Cot A . Cot B − 1) / (Cot B + Cot A)
tan(A – B)= ( tan A – tan B )/ ( 1 + tan A . tan B )
cot(A – B) = (cot A . cot B + 1) / ( cot B – cot A )
आव्यूह वास्तविक या समिश्र संख्याओं या फलनों का क्षैतिज या उदग्र रेखाओं में एक आयताकार क्रम विन्यास है. क्षैतिज रेखाएं आव्यूह की पंत्तिया तथा उदग्र स्तम्भ कहलाते है.
आव्यूह वास्तविक या समिश्र संख्याओं या फलनों का क्षैतिज या उदग्र रेखाओं में एक आयताकार क्रम विन्यास है. क्षैतिज रेखाएं आव्यूह की पंत्तिया तथा उदग्र स्तम्भ कहलाते है.
एक वर्ग आव्यूह अदिश आव्यूह कहलाता है यदि इसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव समान हो, तथा मुख्य विकर्ण के अतिरिक्त सभी अवयव शून्य हो.
aij = 0, जहाँ i ≠ j और aij = k, जहाँ i = j
आव्यूह का योग फार्मूला ( Addition of Matrix )
kA = k[aij]m × n = [k(aij)]m × n
– A = (– 1)A
A – B = A + (– 1)B
A + B = B + A
(A + B) + C = A + (B + C)
k(A + B) = kA + kB
(k + l)A = kA + lA
आव्यूहों के परिवर्त के गुणधर्म
(A’)’ = A
(A + B)’ = A’ + B’
(AB)’ = B’A’
(ABC)’ = C’ B’ A’
(–A)’ = –A’
Math Formulas For Class 12th : Determinants
प्रत्येक वर्ग आव्यूह के संगत एक संख्या होता है जो वर्ग मैट्रिक्स का सारणिक कहलाता है तथा जिसे साधारणतः |A| या det A से सूचित किया जाता है.
सिर्फ वर्ग मैट्रिक्स के सारणिक होते है.
सारणिक को |A| द्वारा सूचित किया जाता है.
|A| केवल सारणिक का संकेत है मापांक का नही.
जो मैट्रिक्स वर्ग मैट्रिक्स नही है उसका सारणिक नही होता है, क्योंकि सारणिक में जितने पंक्ति होते है उतने ही स्तम्भ होते होते है.
सारणिक का महत्वपूर्ण संकेत }
किसी सारणिक की पहली, दूसरी एवं तीसरी पंक्ति को क्रमशः R1, R2, एवं R3 द्वारा सूचित करते है तथा स्तम्भों को क्रमशः C1, C2, एवं C3 से सूचित करते है.
i वी पंक्ति तथा j वी पंक्ति का परस्पर परिवर्तन Ri ↔ Rj द्वारा सूचित करते है.
j वे स्तम्भ तथा j वे स्तम्भ का परस्पर बदलाव Ci ↔ Cj द्वारा सूचित होता है.
j वी पनकी के अवयवों को k से गुणा करने पर i वी पंक्ति के संगत अवयवों में योग को Ri → Ri + k Rj से सूचित करते है.
इसी प्रकार column के किसी भी अवयव को किसी भी संख्या से गुणा या जोड़ करते है, तो Ci → Ci + k Cj आदि से सूचित करते है.
Math Formulas For Class 12: Continuity And Differentiability
कोई फलन f (x), x = a पर संतत कहलाता है यदि
lim x→ a – 0 f (x) = lim x→ a + 0 = f (a)
संतता की सीमा का अस्तित्व
lim x→ a f (x) का अस्तित्व है यदि f (x)अद्वितीय संख्या y के निकट हो, जब x, a के निकट किसी तरह से आता है, तो
lim x→ a – 0 f (x) = lim x→ a + 0 f (x) = y का अस्तित्व होता है.
सीमा के अस्तित्व को lim x→ a f (x) = y द्वारा सूचित किया जाता है.
(d/dx) (xn ) = nxn-1
(d/dx) (a) = 0, जहाँ a अचार (Constant) है.
(d/dx) (u . v) = u (d/dx) (v) + v (d/dx) (u), गुणन का अवकलन
(d/dx) (u ± v) = (d/dx) (u) ± (d/dx) (v), योगफल और घटाव का अवकलन
(d/dx) (u/v) = [ u (d/dx) (v) + v (d/dx) (u) ] / v2
(d/dx) (sin x) = cos x
(d/dx) (cos x) = – sin x
(d/dx) (tan x) = sec2x
(d/dx) (cot x) = − cosec2x
(d/dx) (sec x ) = sec x tan x
(d/dx) (cosec x) = − cosec x cot x
Class 12th Math Formulas : Integrals
∫ 1 dx
x + C
∫ a dx
ax + C
∫ xn dx
((xn+1)/(n+1)) + C
∫ sin x dx
– cos x + C
∫ cos x dx
sin x + C
∫ sec2x dx
tan x + C
∫ cosec2x dx
– cot x + C
∫ sec x (tan x) dx
sec x + C
∫ cosec x ( cot x) dx
– cosec x + C
∫ (1/x) dx
log |x| + C
∫ ex dx
ex+ C
∫ ax dx
(ax / log a) + C
∫ tan x dx
log | sec x | + C
∫ cot x dx
log | sin x | + C
∫ sec x dx
log | sec x + tan x | + C
∫ cosec x dx
log | cosec x – cot x | + C
∫ 1 / √ ( 1 – x2 ) dx
sin –1 x + C
∫ 1 / √ ( 1 – x2 ) dx
cos –1 x + C
∫ 1 / √ ( 1 + x2 ) dx
tan –1 x + C
∫ 1 / √ ( 1 + x2 ) dx
cot –1 x + C
Math Formulas for Class 12th PDF in Hindi से सम्बंधित अन्य सूत्रों को PDF के माध्यम से उपलब्ध किया गया है. कक्षा 12th Math समझने में थोड़ी मुश्किल प्रतीत अवश्य होती है. लेकिन सूत्र का अध्ययन करने के बाद यह सरल हो जाता है. इसलिए, आप PDF भी Download कर सकते है | और Exam की तैयारी में लग जाए |